बुधवार, 25 मार्च 2020

लॉकडाउन


                             लॉकडाउन
             राम आसरे सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए इधर 'किस' की जगह छत पर खड़े होकर "फ्लाइंग किस" से काम चला रहा था।इस प्रकार "सोसल डिस्टेंसिंग" का राम आसरे अपने तरीके से पालन कर रहा था,परंतु आज कुछ चिंतित सा लग रहा था।चिंता का कारण न्यूज चैनल का ब्रेकिंग न्यूज के नाम पर अप्रमाणित न्यूज था, जिसमें यह कहा गया था कि कोरोना हवा में घंटों जीवित रहता है।राम आसरे को शक हो रहा था कि कहीं फ्लाइंग किस से कोरोना के लपेटे में न आ गया हो।
                  इधर पिछले दिन से गले में खराश की भी सिकायत राम आसरे को थी और आज सुबह उठते ही 2 बार क्षींक भी आई थी।राम आसरे का दिल बैठा जा रहा था।सभी लक्षण उसके अनुसार कोरोना की ओर संकेत कर रहे थे।मन ही मन राम आसरे गुलाबो को गरियाए पड़ा था कि साली बाहर न निकलती तो फ्लाइंग किस वाला लफड़ा न फसा होता।उसे समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करे।अचानक उसके अंदर का सैतान जागृत हुआ।राम आसरे ने तय किया कि अकेले न मारूंगा,अपने साथ कईयों को ले जाऊंगा।
               राम आसरे,जो अभी तक कमजोर लग रहा था, उसमें शैतानी ताकत आ गई।सबसे पहले उसने सबसे बड़े विरोधी अपने पिताजी को टारगेट किया और उनके पास जाकर नाक में सींक डालकर जोरदार छींक मारी।पिताजी धुत नशे में भी फुर्ती से अक़बकाकर खड़े हो गए और राम आसरे को जोरदार तमाचा जड़ दिए।राम आसरे इस त्वरित कार्यवाही का अंदाजा नहीं लगा पाए थे,इसलिए संभल न सके।पिताजी ने जोरदार अश्लील गर्जना की, "भाग मादर...।"राम आसरे चपलगती से पलायन कर गए।पुलिस और मेडिकल की टीम राम आसरे को खोज रही है।
              आप लोग भी २१ दिन(संक्रमण की अवधि) तक अपने घर में ही रहिए कहीं राम आसरे से भेंट न हो जाय।
         
              
            

सोमवार, 9 मार्च 2020

बुरा न मानो होली है

                        बुरा न मानो होली है
                 कोरोना वायरस के कहर ने एक सूक्ष्म ज्ञान से सबको परिचित कराया कि वही सेनेटाइजर कारगर है जिसमें 60 प्रतिशत या उससे अधिक एल्कोहल हो।राम आसरे के पिताजी अपनी प्रतिरोधक क्षमता के प्रति आश्वस्त थे,क्योंकि एल्कोहल के प्रति उनका गहरा अनुराग था और वे 60 प्रतिशत के मानक को जबरदस्त ढंग से पूरा करते थे।आज होली के अवसर पर तो इतना एल्कोहल अंदर घुसेड़ लिए थे कि आस पास के लोग भी कोरोना  से सुरक्षित महसूस कर रहे थे।
                राम आसरे के पिताजी होली के अवसर पर "पेय" की प्रासंगिता तथा इस त्योहार के इसी समय आने की व्यावहारिकता से सभी को परिचित करा रहे थे।उनके अनुसार सार्स,मार्स,बर्ड फ्लू,स्वाइनफ्लू और अब कोरोना आदि सब ठंडी में और चीन से फैलते है।चीन से इन संक्रामक रोगों को भारत में आते आते फरवरी हो जाता है।इसी समय के बाद यहां होली की परम्परा रखी गई है।इस पर्व पर सबको पीने की छूट इसीलिए दी गई है ताकि एल्कोहल  से संक्रामक रोगों से बचाव किया जा सके।
                होली पर्व की रंगीन व्याख्या टल्ली समाज सदैव की भांति आश्चर्यचकित होकर निर्विकारपूर्वक श्रवण कर रहा था।इतने में राम आसरे अपनी टोली के साथ देश की अर्थव्यवस्था की भांति लड़खड़ाते हुए नशे में धुत पिताजी के पास पहुंचा और बचे हुए गुलाल को पिताजी के चेहरे पर मलते हुए बोला," बुरा न मानो होली ह..…."।वाक्य पूरा हो नहीं पाया था कि अंदर का सारा माल पिताजी के चेहरे पर आ गया और राम आसरे वहीं लुढ़क गया।

                      Deepak Kumar Singh
                                (Assistant professor)
                       Handia P.G. College.
               
                 

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